ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिका के बेहद करीब स्थित क्यूबा एक बार फिर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों और सैटेलाइट तस्वीरों ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि क्यूबा में चीन और रूस की खुफिया गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और वहां नए खुफिया इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। विशेष रूप से क्यूबा की राजधानी हवाना के बाहर मौजूद एक बड़ी सिग्नल इंटेलिजेंस साइट को लेकर अमेरिका में गंभीर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साइट अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और इलेक्ट्रॉनिक संचार की निगरानी करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
अमेरिकी नेताओं ने जताई चिंता
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में स्वीकार किया कि क्यूबा में चीनी और रूसी खुफिया एजेंसियों की मौजूदगी है। वहीं फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने इसे अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि क्यूबा अमेरिका के तट से केवल 90 मील यानी लगभग 144 किलोमीटर दूर है और वहां दुश्मन देशों की गतिविधियां अमेरिका की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के सैन्य संचार सिस्टम काफी सुरक्षित और इनक्रिप्टेड होते हैं, इसलिए उन्हें सीधे हैक करना आसान नहीं है। लेकिन खुफिया ठिकाने इलेक्ट्रॉनिक संकेतों और संचार के पैटर्न को ट्रैक करके सैन्य गतिविधियों की जानकारी जुटा सकते हैं।
कैसे काम करती हैं ये खुफिया साइट्स?
विश्लेषकों का कहना है कि इन खुफिया केंद्रों का मुख्य काम सीधे बातचीत सुनना नहीं, बल्कि यह समझना होता है कि कौन सा सैन्य सिस्टम कब और कैसे सक्रिय हो रहा है। जब अलग-अलग सैन्य उपकरण या संचार सिस्टम एक-दूसरे से संपर्क करते हैं, तो वे इलेक्ट्रॉनिक संकेत भेजते हैं। इन संकेतों को ट्रैक करके यह पता लगाया जा सकता है कि सैन्य संसाधन किस दिशा में काम कर रहे हैं और उनकी गतिविधियों का पैटर्न क्या है।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज यानी CSIS के फेलो मैथ्यू फुनायोल ने कहा कि इस तरह की साइट्स सैन्य ऑपरेशन का नक्शा तैयार करने और गतिविधियों की निगरानी में मदद करती हैं।
हवाना के पास नई साइट पर बड़ा निर्माण
CSIS की मई 2025 की रिपोर्ट में हवाना के बाहर बेजुकल इलाके में स्थित एक सिग्नल इंटेलिजेंस साइट पर नए निर्माण की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक बड़ा गोलाकार एंटीना सिस्टम तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया सिस्टम हवाई और समुद्री गतिविधियों की निगरानी को और ज्यादा मजबूत बना सकता है। यह पुराने छोटे एंटीना सिस्टम की जगह ले रहा है।
हजारों किलोमीटर दूर तक पकड़ सकते हैं सिग्नल
रिपोर्ट में बताया गया है कि गोलाकार एंटीना ऐरे हाई-फ्रीक्वेंसी दिशा पहचान तकनीक पर काम करता है। इसकी मदद से हजारों किलोमीटर दूर से आने वाले रेडियो सिग्नलों के स्रोत का पता लगाया जा सकता है। यानी यह सिस्टम लंबी दूरी से सैन्य और इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों को ट्रैक करने में सक्षम हो सकता है। यही वजह है कि अमेरिका इस बढ़ती खुफिया गतिविधि को लेकर काफी सतर्क हो गया है। अब यह मामला केवल क्यूबा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अमेरिका, चीन और रूस के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनता जा रहा है।
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